Hamaaree Sehat : यदि ६-७ घंटे की नींद लेने के बाद भी फ्रेशनेस महसूस नहीं हो,दिनभर थकान, कमजोरी और आलस्य बना रहता हो तो रक्त जांच के द्धारा विटामिन डी की जांच करानी चाहिए। ऐसे लक्षण विटामिन डी के कमी के है.
रक्त जांच के बिना भी विटामिन डी के कमी को पहचानने के तरीके होते हैं। विटामिन डी की कमी होते ही पीठ और जोड़ों में दर्द शुरू हो जाता है.हड्डियां कमजोर पड़ने लग जाती है.मासपेशियों में हमेशा दर्द रहता है.
यदि डायबिटीज़ के मरीज हैं तो विटामिन डी इन्सुलिन को प्रभावित कर शुगर को नियंत्रित करने में सहायक होता है. विटामिन डी के कमी होने पर थायरायड के मरीजों के शरीर में हमेशा दर्द उत्पन्न करता है. छोटे बचचे बार-बार बिमार पड़ने लगते हैं. रोग प्रतिरोधक क्षमता घटने लगती है.
डिप्रेशन और मन में उदासी छाये रहना भी विटामिन डी की कमी का पहचान है.बालों का झड़ना या सफेद होना का संबंध विटामिन डी से है। यह साबित हो चुका है।
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